परिचय
Surya pilgrimage · Modhera, Gujarat में स्थित यह तीर्थ The earliest Solanki temple of Gujarat, built around 1026 CE, with its great stepped tank. से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
मोढेरा का सूर्य मंदिर गुजरात में स्थित है और इसे राज्य का प्राचीनतम सोलंकी मंदिर कहा जाता है। इसका निर्माण भीमदेव प्रथम (शासनकाल 1022–1063 ई.) के समय लगभग 1026–27 ई. में हुआ। परिसर के तीन प्रमुख अंग हैं: प्रदक्षिणा-पथ सहित गर्भगृह और उससे जुड़ा अष्टकोणीय गूढ़मण्डप; तोरण-द्वार वाला पृथक सभामण्डप; और विशाल सोपान-युक्त कुण्ड। कुण्ड के चारों ओर अनेक लघु देवालय बने हैं, और गूढ़मण्डप के आलों में द्वादश आदित्यों की प्रतिमाएँ हैं। सभामण्डप अष्टकोणीय विन्यास में है, जहाँ स्तम्भों पर त्रिकोण और अर्धवृत्त के क्रम में तोरण-मेहराब टिके हैं। यह संरक्षित स्मारक है; सीढ़ियाँ और पत्थर फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए सावधानी रखें और वर्तमान प्रवेश-व्यवस्था आधिकारिक सूचना से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
