परिचय
सवाई माधोपुर के निकट रणथम्भौर दुर्ग, राजस्थान में स्थित यह तीर्थ ऐतिहासिक पहाड़ी दुर्ग और वन-परिवेश के भीतर जीवंत मंदिर से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
सवाई माधोपुर के निकट रणथम्भौर दुर्ग के भीतर त्रिनेत्र गणेश मंदिर स्थित है। विशाल द्वारों, प्राचीरों, जलाशयों और वन-परिवेश वाला दुर्ग तीर्थ को इतिहास और प्रकृति की संयुक्त पृष्ठभूमि देता है। भाद्रपद चतुर्थी पर यहाँ वार्षिक मेला और गणेशोत्सव होता है। ‘त्रिनेत्र’ नाम गणेश के ज्ञान-दृष्टि स्वरूप पर ध्यान खींचता है और दुर्ग के भीतर जीवंत पूजा पुरातात्त्विक स्मारक को वर्तमान भक्ति से जोड़ती है। दुर्ग और राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र की पहुँच, वाहन, मौसम तथा भीड़ अलग-अलग समय पर बदल सकते हैं। वन्यजीवों से दूरी रखें, कचरा न फैलाएँ और वर्तमान प्रवेश व दर्शन नियम राजस्थान पर्यटन से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
