परिचय
नामक्कल, नामक्कल जिला, तमिलनाडु में स्थित यह तीर्थ गर्भगृह तक स्तम्भयुक्त मंडप वाला द्रविड़ शैली का नगर-मंदिर से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
तमिलनाडु के नामक्कल नगर में स्थित यह मंदिर अपनी विशाल आंजनेयर प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। लगभग 18 फुट (5.5 मीटर) ऊँची यह प्रतिमा भारत की सबसे ऊँची हनुमान प्रतिमाओं में गिनी जाती है। मंदिर द्रविड़ स्थापत्य शैली में बना है और गर्भगृह तक स्तम्भयुक्त मंडप से पहुँचा जाता है। यहाँ श्री वैखानस आगम के अनुसार पूजा होती है। स्थानीय कथा हनुमान के दर्शन को नरसिंह-प्रसंग से जोड़ती है, जिसमें भगवान नरसिंह हनुमान और लक्ष्मी के समक्ष प्रकट हुए थे। मंदिर तमिलनाडु सरकार के हिन्दू धार्मिक एवं धर्मादाय विभाग द्वारा संचालित है। दर्शन-समय, वस्त्र तथा फोटोग्राफी से जुड़े नियम विभागीय व्यवस्था के अनुसार होते हैं, इसलिए यात्रा से पहले वर्तमान नियम आधिकारिक स्रोत से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
