परिचय
जयपुर, राजस्थान में स्थित यह तीर्थ मोती-बूँद जैसी पहाड़ी के नीचे नगरीय मंदिर से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
जयपुर में मोती डूंगरी की छोटी, मोती-बूँद जैसी पहाड़ी के तल पर प्रसिद्ध गणेश मंदिर स्थित है। राजस्थान पर्यटन इसे नगर के अत्यंत महत्त्वपूर्ण और शुभ माने जाने वाले धार्मिक स्थलों में गिनता है। अठारहवीं शताब्दी के आरम्भ में सेठ जय राम पालीवाल द्वारा निर्मित मंदिर के साथ एक स्थानीय कथा जुड़ी है: मेवाड़ से लाया जा रहा गणेश विग्रह जहाँ बैलगाड़ी रुकी, वहीं प्रतिष्ठित किया गया। यह शहर के भीतर सुगम परंतु व्यस्त तीर्थ है। गणेश चतुर्थी और स्थानीय उत्सवों में भीड़ के लिए समय रखें, परिसर की मर्यादा मानें और परिवहन व दर्शन की वर्तमान सूचना आधिकारिक स्रोत से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
