परिचय
Surya pilgrimage · Anantnag, Jammu & Kashmir में स्थित यह तीर्थ An eighth-century Karkota temple on a Kashmir plateau, ruined but monumental. से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
मार्तण्ड सूर्य मंदिर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के निकट एक पठार पर स्थित है, जहाँ से कश्मीर घाटी का विस्तृत दृश्य दिखाई देता है। इसकी परिकल्पना आठवीं शताब्दी में कर्कोट वंश के शासक ललितादित्य मुक्तापीड ने की थी। मुख्य मंदिर के चारों ओर स्तम्भ-श्रेणी और चौरासी छोटे देवालयों का परिसर है, जिसकी लंबाई लगभग 220 फुट और चौड़ाई लगभग 142 फुट है। उत्कीर्ण काले पत्थर से बनी इसकी शैली में गांधार, गुप्त, यूनानी, रोमन, सिरियाई-बाइज़ेंटाइन और चीनी स्थापत्य के तत्त्व एक साथ दिखाई देते हैं। मंदिर आज खण्डहर रूप में है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राष्ट्रीय महत्त्व का स्थल घोषित है। कश्मीरी पंडित परंपरा में यह तीन प्रमुख तीर्थों में गिना जाता है। खुला पठार होने से धूप और हवा तीव्र रहती है; सामान्यतः प्रातः छह से सायं सात बजे तक खुला रहता है, फिर भी वर्तमान स्थिति पहले जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
