परिचय
Lakshmi heritage pilgrimage · Hassan district, Karnataka में स्थित यह तीर्थ An early Hoysala temple near Hassan, commissioned in the early twelfth century and still used for worship. से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
दोड्डगड्डवल्ली का लक्ष्मी देवी मन्दिर आरम्भिक पहचाने जाने योग्य होयसला मन्दिरों में है। धरोहर-दस्तावेज़ इसका निर्माण 1113 ईस्वी में व्यापारी कुल्लहण राहुत और उनकी पत्नी सहजादेवी द्वारा कराए जाने का उल्लेख करते हैं। चार गर्भगृहों की योजना, पत्थर के शिखर और मूर्तिकला इसे होयसला वास्तुकला के अध्ययन में महत्त्वपूर्ण बनाते हैं। लक्ष्मी केन्द्र में हैं और सम्बद्ध देवालय तथा रक्षक-छवियाँ व्यापक पवित्र विन्यास बनाते हैं। यह संरक्षित धरोहर और जीवित पूजा-स्थल दोनों है। स्थानीय पहुँच जाँचें, नक्काशी न छुएँ, पत्थर को हानि देने वाली सामग्री न चढ़ाएँ और छायांकन पर एएसआई या मन्दिर-निर्देश मानें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
