परिचय
अयोध्या, उत्तर प्रदेश में स्थित यह तीर्थ सीढ़ियों से पहुँचा जाने वाला ऊँचा, दुर्ग-जैसा मंदिर से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
अयोध्या की हनुमानगढ़ी नगर के प्रमुख हनुमान तीर्थों में है। ऊँचे, दुर्ग-जैसे परिसर तक सीढ़ियों से पहुँचने की यात्रा स्वयं दर्शन की तैयारी जैसी लगती है। स्थानीय परंपरा हनुमान को अयोध्या के रक्षक के रूप में स्मरण करती है। मुख्य विग्रह में बाल हनुमान माता अंजनी की गोद में विराजमान दिखाई देते हैं, इसलिए यहाँ वीरता के साथ वात्सल्य का भाव भी प्रमुख है। दर्शन के समय सीढ़ियों और भीड़ के लिए पर्याप्त समय रखें। शांतिपूर्वक कतार में चलें, प्रसाद और सामान सुरक्षित रखें तथा वर्तमान समय व प्रवेश-व्यवस्था आधिकारिक स्थानीय स्रोत से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
