परिचय
अंजनेरी, नासिक के निकट, महाराष्ट्र में स्थित यह तीर्थ त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर नासिक से लगभग 20 किमी दूर 4,264 फुट ऊँचा पर्वत से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
अंजनेरी पर्वत नासिक से त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर लगभग बीस किलोमीटर दूर है और समुद्र तल से लगभग 4,264 फुट ऊँचा है। शिखर तक लगभग चार किलोमीटर का पैदल मार्ग है, जिसमें सामान्यतः पाँच से छह घंटे लगते हैं। परंपरा के अनुसार यहीं माता अंजना ने हनुमान को जन्म दिया। शिखर के मंदिर में हनुमान बाल-रूप में विराजमान हैं, जो इसे अन्य हनुमान मंदिरों से अलग पहचान देता है। मार्ग में प्राचीन अभिलेखों वाली गुफाएँ, अंजना माता मंदिर और खुले बुग्याल मिलते हैं। यह मध्यम कठिनाई का पर्वतीय मार्ग है और अक्टूबर से मार्च तक का समय अधिक अनुकूल माना जाता है। पर्याप्त पानी, उपयुक्त जूते और दिन के प्रकाश की योजना रखें, मार्ग साफ रखें तथा मौसम और पहुँच की वर्तमान स्थिति पहले जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
