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The Twelve Adityas

द्वादश आदित्य

How twelve solar forms connect Surya with the months, seasons and the sustaining order of the year.

HindiEnglishOptional meaning5 min
Dedicated toSurya Dev
Devotional guideOriginal Hindi

आदित्य मूल रूप से अदिति के पुत्र देवताओं का नाम है। वैदिक साहित्य में उनकी संख्या और नाम एक समान नहीं रहते; बाद की परंपराओं में बारह आदित्य वर्ष के बारह महीनों और सूर्य की बदलती ऋतु-शक्ति से जोड़े गए।

धाता, अर्यमा, मित्र, वरुण, इन्द्र, विवस्वान, पूषा, पर्जन्य, अंशु, भग, त्वष्टा और विष्णु एक प्रचलित बारह-नाम क्रम है, पर अन्य ग्रन्थों और क्षेत्रों में सूचियाँ बदल सकती हैं।

बारह रूप बारह अलग सूर्यों की वैज्ञानिक कल्पना नहीं हैं। वे एक ही दृश्य प्रकाश को काल, वर्षा, पोषण, मैत्री, व्यवस्था और जीवन के अनेक धार्मिक अर्थों से पढ़ने का ढंग हैं।

मंदिर-शिल्प में द्वादश आदित्य अलग आकृतियों या मास-चक्र के रूप में मिल सकते हैं। पहचान केवल नाम से नहीं; स्थान, शिलालेख, मुद्रा और स्थानीय परंपरा को साथ पढ़ना चाहिए।

आदित्यहृदयम् सूर्य को 'द्वादशात्मन्' कहता है। इस एक शब्द में वर्ष के बारह खण्ड, सूर्य की नियमित गति और अनेक रूपों में उपस्थित एक तेज—तीनों का संकेत मिलता है।

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An original bilingual BhajanDhara guide written to distinguish inherited tradition, regional variation and practical safety.