Why Surya Rides Seven Horses
सूर्य के सात अश्वों का अर्थ
A careful reading of Surya's chariot, Aruna, the lotus and the number seven in sacred art.
Dedicated toSurya Devसूर्य की मूर्ति प्रायः रथ पर खड़ी, दोनों हाथों में पूर्ण खिले कमल लिए और ऊँचे जूते पहने दिखाई देती है। सारथि अरुण सामने रहते हैं और सात अश्व रथ को खींचते हैं।
ऋग्वेद १.५० स्वयं सात हरित अश्वों और सात रथ-शक्तियों का वर्णन करता है। बाद की व्याख्याएँ सात को सप्ताह के दिनों, वैदिक छन्दों या प्रकाश के रंगों से जोड़ती हैं, पर ये सभी एक ही प्राचीन ग्रन्थ की निश्चित व्याख्या नहीं हैं।
अरुण का नाम लालिमा से जुड़ा है—वह प्रकाश जो पूर्ण सूर्य से पहले दिखाई देता है। इस प्रकार सारथि उषाकाल की सीमा है: अन्धकार से तेज की ओर यात्रा।
दो कमल प्रकाश में खुलती चेतना और जीवन के प्रतीक पढ़े जाते हैं। सूर्य-प्रतिमाओं के ऊँचे जूते मध्य एशियाई और उत्तर-पश्चिमी कलात्मक प्रभावों पर चर्चा का महत्त्वपूर्ण संकेत भी हैं।
कोणार्क का विशाल पत्थर-रथ, मोढेरा के द्वादश आदित्य और मार्तण्ड का खुला पठार दिखाते हैं कि सौर प्रतीक केवल मूर्ति में नहीं, पूरे मंदिर की दिशा, समय और स्थापत्य में भी बनते हैं।
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An original bilingual BhajanDhara guide written to distinguish inherited tradition, regional variation and practical safety.