Chalisa

Vindhyeshwari Chalisa

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा

The Hindi hymn to the goddess of the Vindhya hills, half a litany of the names she shares with every other Devi and half a set of prescriptions with counts attached.

HindiOptional meaning10 min
Dedicated toMaa Durga
Sacred textOriginal Hindi

नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब।संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब ॥

जय जय जय विन्ध्याचल रानी।आदि शक्ति जगबिदित भवानी ॥

सिंह वाहिनी जय जगमाता।जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता ॥

कष्ट निवारिनि जय जग देवी।जय जय संत असुर सुरसेवी ॥

महिमा अमित अपार तुम्हारी।सेष सहस मुख बरनत हारी ॥

दीनन के दुःख हरत भवानी।नहिं देख्यो तुम सम कोउ दानी ॥

सब कर मनसा पुरवत माता।महिमा अमित जगत विख्याता ॥

जो जन ध्यान तुम्हारो लावे।सो तुरतहिं वांछित फल पावे ॥

तू ही वैस्नवी तू ही रुद्रानी।तू ही शारदा अरु ब्रह्मानी ॥

रमा राधिका स्यामा काली।तू ही मात संतन प्रतिपाली ॥

उमा माधवी चंडी ज्वाला।बेगि मोहि पर होहु दयाला ॥

तुम ही हिंगलाज महरानी।तुम ही शीतला अरु बिज्ञानी ॥

तुम्हीं लक्ष्मी जग सुख दाता।दुर्गा दुर्ग बिनासिनि माता ॥

तुम ही जाह्नवी अरु उन्नानी।हेमावती अंबे निरबानी ॥

अष्टभुजी बाराहिनि देवा।करत विष्णु शिव जाकर सेवा ॥

चौसट्टी देवी कल्याणी।गौरि मंगला सब गुन खानी ॥

पाटन मुंबा दंत कुमारी।भद्रकाली सुन विनय हमारी ॥

बज्रधारिनी सोक नासिनी।आयु रच्छिनी विन्ध्यवासिनी ॥

जया और विजया बैताली।मातु संकटी अरु बिकराली ॥

नाम अनंत तुम्हार भवानी।बरनै किमि मानुष अज्ञानी ॥

जापर कृपा मातु तव होई।तो वह करै चहै मन जोई ॥

कृपा करहु मोपर महारानी।सिध करिये अब यह मम बानी ॥

जो नर धरै मातु कर ध्याना।ताकर सदा होय कल्याणा ॥

बिपत्ति ताहि सपनेहु नहि आवै।जो देवी का जाप करावै ॥

जो नर कहे रिन होय अपारा।सो नर पाठ करे सतबारा ॥

निःचय रिनमोचन होई जाई।जो नर पाठ करे मन लाई ॥

अस्तुति जो नर पढै पढावै।या जग में सो बहु सुख पावै ॥

जाको ब्याधि सतावै भाई।जाप करत सब दूर पराई ॥

जो नर अति बंदी महँ होई।बार हजार पाठ कर सोई ॥

निश्चय बंदी ते छुटि जाई।सत्य वचन मम मानहु भाई ॥

जापर जो कुछ संकट होई।निःचय देबिहि सुमिरै सोई ॥

जा कहँ पुत्र होय नहि भाई।सो नर या विधि करै उपाई ॥

पाँच बरस सो पाठ करावै।नौरातर महँ बिप्र जिमावै ॥

निःचय होहि प्रसन्न भवानी।पुत्र देहि ताकहँ गुन खानी ॥

ध्वजा नारियल आन चढावै।विधि समेत पूजन करवावै ॥

नित प्रति पाठ करै मन लाई।प्रेम सहित नहि आन उपाई ॥

यह श्री विन्ध्याचल चालीसा।रंक पढत होवै अवनीसा ॥

यह जनि अचरज मानहु भाई।कृपा दृष्टि जापर ह्वै जाई ॥

जय जय जय जग मातु भवानी।कृपा करहु मोहि पर जन जानी ॥

Continue exploring

Related prayers

Annapurna Chalisa Karni Mata Chalisa Durga Chalisa
Meaning & context

What does Vindhyeshwari Chalisa mean?

A chalisa to the Devi of Vindhyachal that first gathers every regional goddess into one name and then turns into a list of recitations prescribed for particular troubles.