परिचय
जामनगर, गुजरात में स्थित यह तीर्थ रणमल (लखोटा) झील के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित मंदिर से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
जामनगर का बाला हनुमान मंदिर रणमल झील, जिसे लखोटा झील भी कहते हैं, के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है। झील का किनारा और संध्या का वातावरण यहाँ के दर्शन-अनुभव का स्वाभाविक भाग बन जाते हैं। इस मंदिर की सबसे विशिष्ट परंपरा अखंड राम-धुन है। 1 अगस्त 1964 से यहाँ 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' का जाप निरंतर, बिना रुके चलता आ रहा है। इस निरंतरता के कारण मंदिर को गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है। यहाँ का मुख्य भाव सामूहिक और निरंतर स्मरण का है, इसलिए धुन में सम्मिलित होते समय शांति और क्रम बनाए रखें। दर्शन-समय, बैठने की व्यवस्था तथा पर्वों की भीड़ की वर्तमान स्थिति स्थानीय आधिकारिक स्रोत से जाँच लें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
