परिचय
आनेगुंदी, कोप्पल जिला, कर्नाटक में स्थित यह तीर्थ 462 सीढ़ियों से पहुँचा जाने वाला 516 मीटर ऊँचा पर्वत, जहाँ से हम्पी और तुंगभद्रा दिखाई देते हैं से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
आनेगुंदी से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित अंजनाद्रि पर्वत समुद्र तल से लगभग 516 मीटर ऊँचा है। शिखर पर बने हनुमान मंदिर तक 462 सीढ़ियाँ चढ़कर पहुँचा जाता है, और ऊपर से हम्पी के स्मारकों तथा तुंगभद्रा नदी का विस्तृत दृश्य दिखाई देता है। स्थानीय परंपरा इस पर्वत को हनुमान का जन्मस्थान मानती है और इसका नाम माता अंजना से जोड़ती है। शिखर का मंदिर विजयनगर काल का बताया जाता है, इसलिए यहाँ जन्म-कथा और ऐतिहासिक स्थापत्य एक साथ उपस्थित रहते हैं। सीढ़ियाँ लंबी हैं, इसलिए पानी, धूप और अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखते हुए धीरे चढ़ें। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय भीड़ अधिक रहती है; हनुमान जयंती पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ जाती है। यात्रा से पहले वर्तमान व्यवस्था आधिकारिक स्थानीय स्रोत से जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
