सोमवार की पूजा से पहले अपनी स्वास्थ्य-स्थिति के अनुसार व्रत, फलाहार या सामान्य सात्त्विक भोजन का निर्णय लें; व्रत का उद्देश्य सजगता है, शरीर को कष्ट देना नहीं।
सोमवार व्रत और पूजा मार्गदर्शिका
Somvar Vrat & Puja Guide
A gentle Monday Shiva observance centred on intention, worship and reflection.
समर्पितभगवान शिवस्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा-स्थान को साफ करें। शिवलिंग या शिव-चित्र, दीप, जल, छोटा पात्र, फूल तथा उपलब्ध हो तो बिल्वपत्र व्यवस्थित रखें।
दीप जलाकर तीन शांत श्वास लें। हाथ जोड़कर संकल्प करें कि यह पूजा सत्य, संयम, करुणा और किसी एक सद्कर्म को जीवन में उतारने के लिए है।
गणेश-स्मरण के बाद शिव का ध्यान करें—जटाधारी, चन्द्रशेखर, गंगाधर और करुणामय महादेव के रूप में—फिर आसन और मन को स्थिर करें।
ॐ नमः शिवाय कहते हुए थोड़ी मात्रा में स्वच्छ जल अर्पित करें। घर में स्थापित प्रतिमा या शिवलिंग की सामग्री के अनुसार ही अभिषेक करें और जल का अपव्यय न करें।
चन्दन, अक्षत, पुष्प और बिल्वपत्र उपलब्ध हों तो एक-एक कर श्रद्धा से अर्पित करें। सामग्री न हो तो मानसिक पुष्प और कृतज्ञता भी पर्याप्त हैं।
कम-से-कम 11 बार ॐ नमः शिवाय जप करें। समय हो तो महामृत्युंजय मन्त्र, शिव चालीसा या किसी छोटे स्तोत्र का पाठ जोड़ें।
कुछ क्षण मौन बैठकर क्रोध, असत्य या किसी कठिन आदत को पहचानें और आने वाले सप्ताह में एक व्यावहारिक सुधार का संकल्प लें।
आरती या दीप-प्रदक्षिणा के साथ समापन करें, क्षमा माँगें, प्रसाद साझा करें और यथाशक्ति भोजन, जल या सेवा का दान करें।