अभिषेक का अर्थ देवस्वरूप को श्रद्धापूर्वक स्नान कराना है। घर में थोड़े स्वच्छ जल से किया गया शांत अभिषेक भी पूर्ण है; अधिक द्रव्य भक्ति की अधिकता का प्रमाण नहीं।
शिव अभिषेक मार्गदर्शिका
Shiva Abhishekam Guide
A calm, water-conscious abhishekam guide for home worship.
समर्पितभगवान शिवपहले जाँचें कि आपका शिवलिंग किस पदार्थ का बना है। धातु, पत्थर, मिट्टी, स्फटिक या अन्य सामग्री की देखभाल अलग हो सकती है; संदेह हो तो केवल जल या मानसिक अभिषेक करें।
एक थाली या पात्र में शिवलिंग सुरक्षित रखें ताकि जल इधर-उधर न फैले। दीप को जल से दूर स्थिर स्थान पर रखें और फर्श को फिसलन से बचाएँ।
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, गणेश-स्मरण करें और अभिषेक को शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक शुद्धि के संकल्प से जोड़ें।
ॐ नमः शिवाय का धीमा जप करते हुए पतली धारा या चम्मच से थोड़ा स्वच्छ जल अर्पित करें। जल की धारा से अधिक जप की स्थिरता और मन की उपस्थिति महत्त्वपूर्ण है।
दूध, दही, घी, मधु या अन्य पंचामृत द्रव्य केवल अपनी परंपरा, स्वच्छता और शिवलिंग की सामग्री के अनुकूल होने पर बहुत कम मात्रा में प्रयोग करें। खाद्य सामग्री का अपव्यय न करें।
किसी अन्य द्रव्य के बाद स्वच्छ जल से हल्का स्नान कराएँ और शिवलिंग को साफ कपड़े से सावधानीपूर्वक पोंछें। फिर चन्दन, पुष्प और बिल्वपत्र अर्पित करें।
आरोग्य, साहस और कल्याण के लिए महामृत्युंजय मन्त्र पढ़ें; अन्यथा 11 बार ॐ नमः शिवाय पर्याप्त है। मन्त्र को भय बढ़ाने नहीं, धैर्य और करुणा जगाने दें।
कुछ क्षण मौन रहकर अपने भीतर शीतलता, अहंकार-क्षय और स्पष्टता की भावना करें। परिवार, समाज और प्रकृति के कल्याण की प्रार्थना जोड़ें।
दीप या आरती से समापन कर प्रणाम करें। अभिषेक-जल को स्वच्छ पौधों या परंपरा-सम्मत स्थान पर सीमित मात्रा में दें, क्षेत्र साफ करें और खाद्य अर्पण का सम्मानपूर्वक उपयोग करें।