Vrat Katha

प्रदोष व्रत कथा और सायं पूजा

Pradosh Vrat Katha & Evening Puja

An evening Shiva observance focused on releasing the day with humility.

🔱समर्पितभगवान शिव

सूर्यास्त के आसपास कुछ समय शांत होकर दिन भर के कर्मों का अवलोकन करें।

दीपक जलाएँ, स्वच्छ जल अर्पित करें और शिव-पार्वती का स्मरण करें।

नन्दी के धैर्य को याद कर किसी एक अधूरे दायित्व को प्रेम से पूरा करने का संकल्प लें।

महामृत्युंजय मंत्र या ॐ नमः शिवाय का जप करें।

क्षमा, कृतज्ञता और अगले दिन के सद्कर्म के संकल्प के साथ पूजा समाप्त करें।

भावार्थ

प्रदोष व्रत कथा और सायं पूजा का अर्थ

A practical BhajanDhara guide with Hindi steps and parallel Hindi and English explanations.