Bhajan
🔱समर्पितभगवान शिवनीलकण्ठ दुःख हरने वाले
Neelakantha Dukh Harne Wale
A reflective bhajan drawing ethical courage from Shiva's compassionate holding of the poison.
नीलकण्ठ दुःख हरने वाले। तुम हो दीनों के रखवाले॥
जग का विष जब ऊपर आया। तुमने कण्ठ बीच ठहराया॥
न विष भीतर क्रोध बनाए। न बाहर किसी और जलाए॥
ऐसा हमको धैर्य सिखाओ। कटुता को आगे न बढ़ाओ॥
दुखिया की आवाज सुनें हम। जितना सम्भव साथ चलें हम॥
अपना सुख ही लक्ष्य न माने। जग का हित भी मन पहचाने॥
नीलकण्ठ करुणा भर देना। कठिन समय में साहस देना॥
नीलकण्ठ दुःख हरने वाले का अर्थ
An original Hindi devotional song written for BhajanDhara, with a separate explanatory meaning for every verse.