Bhajan
मन रे कृषि काज जानो ना
Mon Re Krishi Kaj Jano Na
Ramprasad uses the field of the mind as an image for cultivating devotion to Kali.
समर्पितमाँ कालीमन रे, कृषि काज जानो ना।
ऐसा मानव जमीन रहिलो पतित, आबाद करले फलतो सोना।
काली नामे दाओ रे बेड़ा, फसले तसरूप होबे ना।
गुरुदत्त बीज रोपण करे, भक्ति बारी सिंचे देना ॥