Bhajan
मेरे तो गिरिधर गोपाल
Mere To Giridhar Gopal
A famous Meerabai bhajan expressing exclusive devotion to Giridhar Krishna.
समर्पितभगवान कृष्णमेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई ॥
तात मात भ्रात बन्धु, अपनो नाहिं कोई।
छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई ॥
संतन ढिग बैठि बैठि, लोक लाज खोई।
अंसुवन जल सींचि सींचि, प्रेम बेलि बोई ॥
अब तो बेल फैल गई, आनन्द फल होई।
भगत देखि राजी हुई, जगत देखि रोई ॥
दासी मीरा लाल गिरधर, तारो अब मोही ॥
मेरे तो गिरिधर गोपाल का अर्थ
Meerabai declares Krishna to be her sole refuge, placing devotion above social expectation and worldly attachment.