Festival

दीपावली में काली पूजा

Kali Puja during Deepavali

A regional guide to the new-moon Kali worship prominent in Bengal and neighbouring communities.

समर्पितमाँ काली
Sacred textOriginal Hindi

बंगाल में दीपावली की अमावस्या-रात्रि के आसपास काली पूजा विशेष प्रमुख है। घर, सामुदायिक पण्डाल और मन्दिर दीप, पुष्प, भोजन तथा पाठ से दक्षिण काली की पूजा कर सकते हैं।

यह प्रकाश-पर्व की व्यापक परम्परा से जुड़ा है, पर हर क्षेत्र की दीपावली के समान नहीं। अपने समुदाय का पंचांग और क्रम मानें।

घर में सरल दीप और परिचित प्रार्थना पर्याप्त हैं। अनाम वीडियो से उन्नत विधि की नकल न करें तथा अग्नि, भीड़, ध्वनि और नैवेद्य सुरक्षित रखें।

चन्द्र-तिथि हर वर्ष बदलती है; विश्वसनीय स्थानीय पंचांग या मन्दिर से पुष्टि करें।

Text source

West Bengal Tourism — Kalighat and Kali Puja context

Original BhajanDhara editorial text; linked source is provided for factual or textual context

भावार्थ

दीपावली में काली पूजा का अर्थ

An original bilingual BhajanDhara guide grounded in the linked source and separated from guarantees, coercion and universal ritual claims.