Bhajan
🔱समर्पितभगवान शिवकैलाशपति करुणा बरसाओ
Kailashpati Karuna Barsao
A gentle prayer asking Kailashpati to rain compassion, clarity and courage upon daily life.
कैलाशपति करुणा बरसाओ। सूखे मन में प्रेम जगाओ॥
नन्दी जैसे धीर बनूँ मैं। सत्य पथिक गम्भीर बनूँ मैं॥
गौरा संग जो जग अपनाया। मुझको भी परिवार सिखाया॥
भस्म कहे यह तन मिट जाना। कर्म सुगन्धित छोड़ के जाना॥
तीसरा नेत्र विवेक जगाए। झूठा मोह स्वयं मिट जाए॥
नीलकण्ठ दुख पीना सिखलाओ। विष को अमृत-पथ पर लाओ॥
कैलाशपति हाथ बढ़ाओ। गिरते पग को फिर उठवाओ॥
कैलाशपति करुणा बरसाओ का अर्थ
An original Hindi devotional song written for BhajanDhara, with a separate explanatory meaning for every verse.