Bhajan

गंगा जटा से बहती जाए

Ganga Jata Se Bahti Jaye

A flowing Shiva bhajan using Ganga as an image of grace carried into speech, action and community.

🔱समर्पितभगवान शिव

गंगा जटा से बहती जाए। शिव की करुणा जग नहलाए॥

बूँद-बूँद में कथा पुरानी। फिर भी हर पल नई कहानी॥

ऊँच-नीच का भेद मिटाती। प्यास सभी की एक बताती॥

मन का मैला साथ बहाए। निर्मल दृष्टि हमें दिलाए॥

वाणी में कुछ शीतलता हो। कर्मों में भी सरलता हो॥

जिस तक कोई हाथ न पहुँचे। सेवा उसकी ओर भी पहुँचे॥

गंगा जटा से हृदय में आए। दया हमारे जीवन छाए॥

भावार्थ

गंगा जटा से बहती जाए का अर्थ

An original Hindi devotional song written for BhajanDhara, with a separate explanatory meaning for every verse.