दक्षिणेश्वर काली मंदिर
Dakshineswar Bhavatarini Kali Temple
Rani Rashmoni’s nineteenth-century Bhavatarini shrine on the Hooghly, with a nine-spired Kali temple and close associations with Sri Ramakrishna.
समर्पितमाँ दुर्गामंदिर की जानकारी
स्थान और परिचय
दक्षिणेश्वर कोलकाता के निकट हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। रानी रासमणि ने 1855 में मंदिर की स्थापना की; यहाँ अधिष्ठात्री देवी की भवतारिणी काली रूप में पूजा होती है।
परंपरा और परिवेश
मंदिर का श्रीरामकृष्ण से गहरा संबंध है। यह भक्ति-इतिहास इसे स्थापत्य से आगे महत्त्व देता है: भवतारिणी इस मंदिर का अपना देवी-स्वरूप है, जो जीवंत बंगाली काली परंपरा में आता है।
परिसर में नौ-शिखर काली मंदिर, शिव-मंदिर और नदी-तटीय स्थल हैं। मुख्य देवालय को इन आसपास के स्थानों के साथ समझें; पूरे क्षेत्र को एक अकेला स्मारक न मानें।
यात्रा की तैयारी
मंदिर और नदी-परिवेश दोनों के लिए समय रखें, विशेषकर सप्ताहान्त और पर्वों पर। छायांकन, कतार और सक्रिय पूजा के आसपास आवागमन के वर्तमान निर्देश मानें।
नदी-मार्ग और यातायात दर्शन से अलग व्यावहारिक विषय हैं। जलमार्ग लेने से पहले मंदिर की आधिकारिक सूचना और स्थानीय सलाह जाँचें तथा नदी-तट के अवरोध और सुरक्षा-निर्देश मानें।
समय, प्रवेश और मार्ग बदल सकते हैं। यात्रा से पहले नीचे दिए आधिकारिक संदर्भ की वर्तमान सूचना देखें।
References and corrections
Original BhajanDhara summary. Temple history and visitor context draw on the following temple, government or institutional references.
Sacred narratives are presented as tradition. Opening hours and booking arrangements should be confirmed at the source.