Bhajan
🔱समर्पितभगवान शिवभोले शंकर मेरे आँगन आओ
Bhole Shankar Mere Aangan Aao
A welcoming Shiva bhajan that turns the devotee's heart into a simple sacred courtyard.
भोले शंकर मेरे आँगन आओ। मन की सूनी देहरी सजाओ॥
गंगा की शीतल धारा लाना। तपते मन को धीर बँधाना॥
डमरू की ऐसी तान सुनाना। भूला मन फिर राह पहचाना॥
माथे चन्दा, कण्ठ में काला। फिर भी रूप तुम्हारा निराला॥
जो भी आया द्वार तुम्हारे। खाली लौटे कौन पुकारे॥
अहंकार की गाँठ मिटाओ। सेवा का सच्चा पथ दिखलाओ॥
भोले शंकर हृदय बसाओ। हर श्वासों में नाम जगाओ॥
भोले शंकर मेरे आँगन आओ का अर्थ
An original Hindi devotional song written for BhajanDhara, with a separate explanatory meaning for every verse.