श्री बाबा रामदेव चालीसा
Baba Ramdev Chalisa
The Hindi hymn to Ramdev Pir of Runicha, built as a numbered list of the twenty-four miracles told of him.
समर्पितभगवान विष्णुश्री गुरु पद नमन करि, गिरा गनेश मनाय।कथूं रामदेव विमल यश, सुने पाप विनशाय ॥
द्वार केश से आय कर, लिया मनुज अवतार।अजमल गेह बधावणा, जग में जय जयकार ॥
जय जय रामदेव सुर राया।अजमल पुत्र अनोखी माया ॥
विष्णु रूप सुर नर के स्वामी।परम प्रतापी अन्तर्यामी ॥
ले अवतार अवनि पर आये।तंवर वंश अवतंश कहाये ॥
संत जनों के कारज सारे।दानव दैत्य दुष्ट संहारे ॥
परच्या प्रथम पिता को दीन्हा।दूध परीण्डा मांही कीन्हा ॥
कुमकुम पद पोली दर्शाये।ज्योंही प्रभु पलने प्रगटाये ॥
परचा दूजा जननी पाया।दूध उफणता चरा उठाया ॥
परचा तीजा पुरजन पाया।चिथड़ों का घोड़ा ही साया ॥
परच्या चौथा भैरव मारा।भक्त जनों का कष्ट निवारा ॥
पंचम परच्या रतना पाया।पुंगल जा प्रभु फंद छुड़ाया ॥
परच्या छठा विजयसिंह पाया।जला नगर शरणागत आया ॥
परच्या सप्तम् सुगना पाया।मुवा पुत्र हंसता भग आया ॥
परच्या अष्टम् बौहित पाया।जा परदेश द्रव्य बहु लाया ॥
भंवर डूबती नाव उबारी।प्रगत टेर पहुँचे अवतारी ॥
नवमां परच्या वीरम पाया।बनियां आ जब हाल सुनाया ॥
दसवां परच्या पा बिनजारा।मिश्री बनी नमक सब खारा ॥
परच्या ग्यारह किरपा थारी।नमक हुआ मिश्री फिर सारी ॥
परच्या द्वादश ठोकर मारी।निकलंग नाड़ी सिरजी प्यारी ॥
परच्या तेरहवां पीर परी पधारया।ल्याय कटोरा कारज सारा ॥
चौदहवां परच्या जाभो पाया।निजसर जल खारा करवाया ॥
परच्या पन्द्रह फिर बतलाया।राम सरोवर प्रभु खुदवाया ॥
परच्या सोलह हरबू पाया।दर्श पाय अतिशय हरषाया ॥
परच्या सत्रह हर जी पाया।दूध थणा बकरया के आया ॥
सुखी नाडी पानी कीन्हों।आत्म ज्ञान हरजी ने दीन्हों ॥
परच्या अठारहवां हाकिम पाया।सूते को धरती लुढ़काया ॥
परच्या उन्नीसवां दल जी पाया।पुत्र पाय मन में हरषाया ॥
परच्या बीसवां पाया सेठाणी।आये प्रभु सुन गदगद वाणी ॥
तुरंत सेठ सरजीवण कीन्हा।उक्त उजागर अभय वर दीन्हा ॥
परच्या इक्कीसवां चोर जो पाया।हो अन्धा करनी फल पाया ॥
परच्या बाईसवां मिर्जो चीहां।सातो तवा बेध प्रभु दीन्हां ॥
परच्या तेईसवां बादशाह पाया।फेर भक्त को नहीं सताया ॥
परच्या चैबीसवां बख्शी पाया।मुवा पुत्र पल में उठ धाया ॥
जब-जब जिसने सुमरण कीन्हां।तब-तब आ तुम दर्शन दीन्हां ॥
भक्त टेर सुन आतुर धाते।चढ़ लीले पर जल्दी आते ॥
जो जन प्रभु की लीला गावें।मनवांछित कारज फल पावें ॥
यह चालीसा सुने सुनावे।ताके कष्ट सकल कट जावे ॥
जय जय जय प्रभु लीला धारी।तेरी महिमा अपरम्पारी ॥
मैं मूरख क्या गुण तब गाऊँ।कहाँ बुद्धि शारद सी लाऊँ ॥
नहीं बुद्धि बल घट लव लेशा।मती अनुसार रची चालीसा ॥
दास सभी शरण में तेरी।रखियों प्रभु लज्जा मेरी ॥
श्री बाबा रामदेव चालीसा का अर्थ
A chalisa to the Rajasthani folk saint Ramdev Pir, told almost entirely as a numbered list of his twenty-four miracles, from the milk-vessel to the rag horse to the merchant brought back to life.