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Pashupati — Lord of Living Beings
पशुपति — समस्त जीवों के स्वामी
A compassionate reading of Shiva as guardian of living beings.
Dedicated toLord Shivaपशुपति नाम शिव को पशु और समस्त जीव-जगत के स्वामी तथा संरक्षक रूप में स्मरण करता है।
शैव दर्शन में ‘पशु’ सीमित जीव के लिए भी प्रयुक्त होता है, जो बन्धनों से मुक्ति चाहता है।
यह रूप मनुष्य को पशु-पक्षियों, प्रकृति और निर्बल प्राणियों के प्रति करुणा की जिम्मेदारी याद दिलाता है।
पशुपति का ध्यान अधिकार से अधिक संरक्षण, संयम और अहिंसा को जीवन में उतारने का निमंत्रण है।
BhajanDhara original editorial guide
Original project text; traditions vary by region and lineage
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