Festival

Hanuman Jayanti Observance Guide

हनुमान जयंती पूजा मार्गदर्शिका

How Hanuman Jayanti is kept, and why its date is not the same across India.

HindiEnglishOptional meaning9 min
Dedicated toLord Hanuman
Festival guideOriginal Hindi

उत्तर भारत में हनुमान जयंती प्रायः चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। तिथि प्रतिवर्ष बदलती है, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

यह पर्व सर्वत्र एक ही दिन नहीं होता। तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र-तेलंगाना की परंपराएँ भिन्न तिथियों और अलग गणना का अनुसरण करती हैं; अपने क्षेत्र की परंपरा को ही प्रमाण मानें।

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा-स्थान पर हनुमान का चित्र या विग्रह, दीप, जल, पुष्प तथा सरल नैवेद्य व्यवस्थित रखें।

दीप जलाकर श्रीराम का स्मरण करें, फिर हनुमान का ध्यान करें। परंपरा में हनुमान-भक्ति सदैव राम-भक्ति के साथ जुड़ी रहती है।

हनुमान चालीसा का पाठ इस दिन की सबसे व्यापक परंपरा है। समय हो तो बजरंग बाण, सुंदरकाण्ड या किसी छोटे स्तोत्र का पाठ जोड़ें।

सिन्दूर, चमेली का तेल, पुष्प और गुड़-चना या बूँदी का प्रसाद क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अर्पित करें। मंदिर में चढ़ावे के नियम भिन्न हो सकते हैं।

इस दिन का मूल भाव सेवा है। भोजन-वितरण, जल की व्यवस्था, रक्तदान या किसी की व्यावहारिक सहायता—कोई एक सेवा-कार्य चुनें।

व्रत रखें तो स्वास्थ्य के अनुसार रखें। बालक, वृद्ध, रोगी तथा गर्भवती स्त्रियाँ फलाहार या सामान्य सात्त्विक भोजन लें; आवश्यकता हो तो चिकित्सकीय सलाह लें।

बड़े मंदिरों में इस दिन अत्यधिक भीड़ होती है। समय से पहुँचें, कतार-व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा बच्चों और वृद्धों का ध्यान रखें।

Meaning & context

What does Hanuman Jayanti Observance Guide mean?

A concise Hindi guide with an English explanation for each displayed point. Observance customs vary by region and household.