परिचय
रुद्रप्रयाग जिला, उत्तराखण्ड में स्थित यह तीर्थ राँसी की ओर से पहुँची जाने वाली ऊँची घाटी से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
मध्यमहेश्वर उत्तराखण्ड के रुद्रप्रयाग जिले में पंच केदार तीर्थ है। परंपरा यहाँ शिव के मध्य भाग या नाभि के प्रकट होने का स्मरण करती है। उत्तराखण्ड पर्यटन राँसी को ट्रेक का आधार बताता है और लगभग 24 किमी की कठिन पदयात्रा का उल्लेख करता है। ऊँचाई के अनुकूलन, स्वास्थ्य, मौसम और ठहरने की व्यवस्था पहले जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
