परिचय
वेरुळ, महाराष्ट्र में स्थित यह तीर्थ एलोरा गुफाओं के निकट दक्कन का भू-दृश्य से अपना विशिष्ट स्वरूप पाता है।
घृष्णेश्वर मंदिर महाराष्ट्र में वेरुळ (एलोरा) गुफाओं के निकट स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है और लाल पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है। वर्तमान स्वरूप का प्रमुख पुनर्निर्माण अठारहवीं शताब्दी में अहिल्याबाई होलकर से जुड़ा है। गर्भगृह के वस्त्र और प्रवेश नियमों की नवीनतम जानकारी पहले जाँचें।
मंदिर को समझने के लिए केवल गर्भगृह ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के भू-दृश्य, मार्ग, जलस्रोत, नगर या पर्वतीय परिवेश और जीवित पूजा-परंपराओं को भी देखें। ये सभी मिलकर उस अनुभव को रचते हैं जिसके कारण श्रद्धालु पीढ़ियों से यहाँ आते रहे हैं।
